आई आज दिवाली
आई आई आई, आज दिवाली है आई,
ऐसे शुभ अवसर पर, हम सभी महालक्ष्मी
सब देव देवता आपकी को पूजें, निर्मल माँ, ओ मेया
निर्मला माँ, ओ छिंदवाली, महालक्ष्मी माताजी
हे महालक्ष्मी माँ गौरी, तू अपनी आपही जोहरी
तेरी कीमत तू ही जाने, तू बुरा भला पहचाने
ये करके दिन और रात, हमें लेखी ना जाए बातें
कोई माने या ना माने, हमे भक्त तेरे दिवाने …(२)
तेरे पाँव, सारी दुनिया है पखारती
हे कृपाशाली महालक्ष्मी, हे भाग्यवती भगवती
मेरी सुनना ये विनती, तेरा चोला रंग बसंती
हे दुःख भंजन सुख देती, हमें सुख देना दिन राती
तेरी वो महिमा गाये, मुझे माँगें भर दें पाये …(२)
हर आँख, तेरी ओर निहारती
हे महाकाली महारानी, हमें दे दे ऐसी शक्ति
हे जग जननी महामाया, है तू ही धूप और छाया
तू अनुपम अनुपम नारी, तू अनादि पराशक्ति
सब तेरी कृपा अंधेरे, गये बग़ैरो गये सवेरे …(२)
तू तो, भक्तों को बिगड़ी संवारती
हे धनदाती धनलक्ष्मी, हे दयावान राजलक्ष्मी
हे विष्णुप्रिया वैष्णवी, हे सहजयोग दायिनी
ये सूरज चाँद सितारों, सब तेरे ही गुण गाते
तू शांतिमयी शीतलिनी, तुझे नमन विश्वशांति …. (२)
तू तो, चैत्यन्य की गंगा बहाती





