आँखें बंद करूँ या खोलूँ
आँखे बंद करूँ या खोलूँ, श्री माँ दर्शन दे देना
मैं तो हूँ माँ बालक तेरा, तू मेरी माता है
तेरे हाथ में सारी दुनिया, मेरे हाथ में क्या है
तुझको देखूँ जिसमें ऐसा, दर्पण दे देना,
आँखे बंद…..
मेरे अन्दर माँ की लहरें, रिश्ता है सदियों का
जैसे इक नाता होता है, सागर से नदियों का
करूँ साधना तेरी केवल, साधन दे देना
आँखे बंद….
मेरी माँग बड़ी साधारण, मन में आती रहियो
हर एक साँस के पीछे, अपनी झलक दिखाती रहियो
नाम तेरा ले आखिर तक, वो धड़कन दे देना
आँखे बंद…..



