अपने तो तीनों जहाँ
अपने तो तीनों जहाँ, आपके चरणों में माँ
अपने तो सारे खुदा, आप ही बस आप माँ
हे परमेश्वरी योगेश्वरी, ब्रह्म स्वरूपा निर्मल माँ
योगक्षेम और मोक्ष, सभी कुछ आदि की महामाया..
हे महेश्वरी सुरेश्वरी, ओंकार स्वरूपणी निर्मल माँ
निरानन्द की निर्मल चवरी, आपने पहनायी माँ….
हे महामाया भगवती, विराट स्वरूपणी निर्मल माँ
तेरी ही महाशक्ति से, पल्लवित सारा जहाँ…
हे परमशिवे महाकल्याणी, वैकुण्ठवासिनी निर्मल माँ
आप ही के चरणों से, बहती चैतन्य की अमृत गंगा…
हे सर्वेश्वरी कल्केश्वरी, आदिशक्ति निर्मल माँ
आप ही निर्णय करेंगी, हे अनन्ता निर्मल माँ………





